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Wednesday, July 17, 2024
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7 साल में 65 फीसदी बढ़ा भारत ऑस्ट्रिया का ट्रेड, ये सामान होता है एक्सपोर्ट | PM Modi reached Austria, trade with India increased by 65 percent in 7 years


7 साल में 65 फीसदी बढ़ा भारत-ऑस्ट्रिया का ट्रेड, ये सामान होता है एक्सपोर्ट

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रिया पहुंचे हैं. 41 साल के बाद कोई भारतीय पीएम इस यूरोपीय देश में आया है.

देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बाद भारत का कोई पीएम यूरोप के ऑस्ट्रिया के दौरे पर पहुंचा है. इसलिए इस विजिट को काफी अहम माना जा रहा है. भले ही दोनों देशों के बीच ज्यादा बड़े आर्थिक संबंध ना हो, लेकिन बीते 7 बरस में इसमें करीब 65 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है. जहां भारत इस यूरोपीय देश को डेढ़ बिलियन डॉलर से ज्यादा का सामान एक्सपोर्ट करता है. वहीं दूसरी ओर डेढ़ बिलियन डॉलर से थोड़े कम का सामान इस देश से खरीदता है. मौजूदा समय में भारत दुनिया का बड़ा मैन्युफैक्चरर बनने की ओर है. ऐसे में भारत कई ऐसे देशों को साधने में जुट गया है जहां उसके सामान का एक्सपोर्ट हो सके. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर दोनों देशों के बीच कितना ट्रेड होता है और बीते सात साल में किस तरह से बढ़ा है.

भारत-ऑस्ट्रिया के बीच बाइलेटरल ट्रेड

वैसे भारत-ऑस्ट्रिया के बीच बाइलेटरल ट्रेड का साइज ज्यादा बड़ा नहीं है. इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि भारत का कोई राष्ट्राध्यक्ष इंदिरा गांधी के बाद यानी 41 बरस से इस यूरोपीय देश नहीं गया था. उसके बाद भी दोनों देशों के बीच बाइलेटरल ट्रेड करीब 3 बिलियन डॉलर का है. जिसमें भारत ट्रेड सरप्लस की स्थिति में है. ऑस्ट्रिया में मौजूद भारतीय दूतावास के आंकड़ों के अनुसार साल 2023 (जनवरी-दिसंबर) में दोनों देशों के बीच कुल कारोबार 2.93 बिलियन डॉलर था. भारत की ओर से ऑस्ट्रिया को एक्सपोर्ट किए जाने वाले सामान की वैल्यू 1.52 बिलियन डॉलर रही. वहीं दूसरी ओर इंपोर्ट की बात करें तो 1.41 बिलियन डॉलर का था. इसका मतलब है कि भारत का ऑस्ट्रिया से ट्रेड सरप्लस 0.11 बिलियन डॉलर का रहा.

बीते सात साल में 65 फीसदी बढ़ा ट्रेड

भले ही दोनों देशों का ट्रेड ज्यादा बड़ा नहीं है. लेकिन 2017 से लेकर 2023 तक दोनों देशों के बीच बाइलेटरल ट्रेड 65 फीसदी तक बढ़ा. साल 2017 में दोनों देशों के बीच ट्रेड 1.78 बिलियन डॉलर था. जिसमें भारत का एक्सपोर्ट 0.93 बिलियन डॉलर और इंपोर्ट 0.85 बिलियन डॉलर था. साल 2023 में कुल बाइलेटरल ट्रेड 2.93 बिलियन डॉलर हो चुका है.

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साल 2019 तक इसमें लगातार इजाफा होता रहा. साल 2018 में यह आंकड़ा 2.14 बिलियन डॉलर और 2019 में 2.16 बिलियन डॉलर तक भी पहुंचा. लेकिन कोविड प्रतिबंधों के बीच साल 2020 में इसमें गिरावट आई और 2.05 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया. उसके बाद से इसमें लगातार बढ़ोतारी देखने को मिल रही है. साल 2021 में यह ट्रेड 2.47 बिलियन डॉलर, साल 2022 में 2.84 बिलियन डॉलर तक पहुंचा.

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बीते सालों में भारत और ऑस्ट्रिया के बीच ऐसा रहा बाइलेटरल ट्रेड.

क्या होता है एक्सपोर्ट और इंपोर्ट

भारत की ओर से ऑस्ट्रिया को जो सामान एक्सपोर्ट किया जाता है वो प्रमुख रूप से इलेक्ट्रॉनिक सामान, अपैरल, टेक्स्टाइल, जूते, रबर का सामान, व्हीकल्स और रेलवे पार्ट्स, इलेक्ट्रीकल मशीनरी और मैकेनिकल कंपोनेंट्स शामिल है. वहीं दूसरी ओर भारत ऑस्ट्रिया कुछ सामान इंपोर्ट भी करता है, जिसमें प्रमुख रूप से मशीनरी, मैकेनिकल कंपोनेंट्स, रेलवे पार्ट्स, आयरन और स्टील शामिल है.

ऑस्ट्रियाई नेशनल बैंक के अनुसार, भारत को 2023 में ऑस्ट्रिया की ओर से 733 मिलियन यूरो का एफडीआई मिला है. वहीं दूसरी ओर भारत की ओर से ऑस्ट्रिया को जो एफडीआई मिला है वो लगभग 1.159 बिलियन यूरो तक पहुंच गया है. देशों के बीच इनोवेशन और इंटरप्रेन्योशिप को बढ़ावा देने के लिए, भारत-ऑस्ट्रिया स्टार्टअप ब्रिज फरवरी 2024 में लॉन्च किया गया था.



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