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Monday, July 15, 2024
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Thiruvananthapuram Lok Sabha Seat: कांग्रेस सांसद शशि थरूर का गढ़, पिछले तीन चुनाव से जीत का सिलसिला क्या बदलेगा? | lok sabha election 2024 Thiruvananthapuram Lok Sabha Seat candidate congress shashi tharoor cpi vote


Thiruvananthapuram Lok Sabha Seat: कांग्रेस सांसद शशि थरूर का गढ़, पिछले तीन चुनाव से जीत का सिलसिला क्या बदलेगा?

तिरुअनंतपुरम लोकसभा सीट

केरल राज्य की राजधानी तिरुअनंतपुरम राज्य की राजनीति में अहम भागीदारी रखता है. तिरुअनंतपुरम में सबसे प्रतिष्ठित स्थलों में से एक पद्मनाभस्वामी मंदिर है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है. यह प्राचीन मंदिर, जो अपनी जटिल द्रविड़ वास्तुकला और राजसी गोपुरम (मीनार) के लिए जाना जाता है, अत्यधिक धार्मिक महत्व रखता है. गौरतलब है कि ये मंदिर दुनिया के सबसे धनी मंदिरों में से एक है.

तिरुअनंतपुरममें सुरम्य समुद्र तट भी हैं, जिनमें विश्व प्रसिद्ध कोवलम समुद्र तट भी शामिल है. तिरुअनंतपुरम शास्त्रीय कलाओं का भी केंद्र है, जहां कथकली प्रदर्शन, पारंपरिक संगीत समारोह और नृत्य गायन नियमित रूप से आयोजित होते हैं.

शशि थरूर की संसदीय सीट

राजनीतिक नजरिए ये देखें तो यह सीट कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. शशि थरूर का गढ़ मानी जाती है. पिछले तीन आम चुनाव में शशि थरूर यहां से बड़े वोटों के अंतर से जीत हासिल करते चले आए हैं. 2019 के आम चुनाव में उन्होंने बीजेपी के कुम्मनम राजशेखरन को 99,989 वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी. पिछले आम चुनाव में मतदान प्रतिशत कुल मतदाताओं का 73.45% था. वहीं, 2011 की जनगणना के अनुसार तिरुअनंतपुरम जिले की जनसंख्या 33,01,427 है, जिसमें कुल जनसंख्या में हिंदू 66.46%, ईसाई 19.1% और मुस्लिम 13.72% हैं.

राजनीतिक इतिहास

तिरुअनंतपुरम लोकसभा क्षेत्र के राजनीतिक इतिहास की बात करें तो, वर्तमान सांसद डॉ. शशि थरूर ने अपने चुनावी प्रदर्शन में उल्लेखनीय स्थिरता देखी है. यह निर्वाचन क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से कांग्रेस का गढ़ रहा है. कांग्रेस पार्टी कई मौकों पर CPI (M) के खिलाफ दावेदार बनी रही है. हालांकि, पिछले कुछ सालों में जिले ने भाजपा को लगातार अपने पैर मजबूत करते हुए देखा है.

2019 और 2014 के आम चुनाव हालांकि, कांग्रेस नेता डॉ थरूर के लिए बड़ी चुनौती के तौर पर सामने आए थे क्योंकि 2014 में केंद्र में चल रही बीजेपी की आंधी थी और साल 2019 में सबरीमाला विरोध मामले ने मुश्किलें खड़ी कर दी थीं.



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