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Wednesday, July 17, 2024
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स्वदेशीकरण और टेक्नोलॉजी… लेफ्टिनेंट जनरल ने बताया कैसे खुद को बदल रही आर्मी | Army focus will be on indigenization adoption of technology Lieutenant General Ajay Kumar Singh


स्वदेशीकरण और टेक्नोलॉजी... लेफ्टिनेंट जनरल ने बताया कैसे खुद को बदल रही आर्मी

भारतीय सेना के जवान

देश की सुरक्षा को पुख्ता करने में जुटी भारतीय सेना का ध्यान अब स्वदेशीकरण के साथ-साथ खुद को लेटेस्ट तकनीक से लैस करने पर है. इसके अलावा सेना अपनी ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाने पर भी जोर दे रही है. रविवार को दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह ने कहा कि इस समय सेना का पूरा ध्यान खुद को तकनीकों से लैस करने और ऑपरेशन क्षमता बढ़ाने पर है.

दक्षिणी कमान भारतीय सेना की सबसे पुरानी और बड़ी कमान है. एक अप्रैल को यह कमान अपना 130वां स्थापना दिवस मना रही है. दक्षिणी कमान में 11 राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों का 41 प्रतिशत भूमि क्षेत्र आता है. एक इंटरव्यू में लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार ने कहा कि सेना 2024 को तकनीकों को अपनाने वाले वर्ष के रूप में मना रही है.

उन्होंने कहा, दक्षिणी कमान ने रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भर होने के भारत के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. दक्षिणी कमान विभिन्न हथियार मंचों, महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों और रिफाइंड गोला-बारूद के परीक्षणों के लिए एक परीक्षण मंच के रूप में कार्य करता है. यहां बड़ी संख्या में फील्ड फायरिंग रेंज भी है. तीनों सेनाओं के बीच इंटीग्रेशन तथा तालमेल में सुधार करने के लिए दक्षिण कमान ने हाल ही में दो प्रमुख संयुक्त अभ्यास ‘अभ्यास भारत शक्ति’ और ‘अभ्यास त्रिशक्ति प्रहार’ किया.

पहली मध्यम लिफ्ट अटैक हेलीकॉप्टर स्क्वाड्रन स्थापित

लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि सेना के ऑपरेशन एक्टिविटी को देखते हुए दक्षिण कमान क्षेत्र में इस साल 15 मार्च को पहली मध्यम लिफ्ट अटैक हेलीकॉप्टर स्क्वाड्रन की स्थापना की गई. यह स्क्वाड्रन बोइंग के आधुनिक अपाचे एएच 64ई हेलीकॉप्टर से लैस होगी. उन्होंने कहा कि देश में आने वाले महीनों में दो चरणों में ऐसे छह हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति की जाएगी.

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना 100 से अधिक देशों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण दे रही है और इसमें 25 से अधिक देशों में द्विपक्षीय संयुक्त अभ्यास, 70 देशों के 3,000 से अधिक सैन्य कर्मियों का प्रशिक्षण और दुनियाभर में 16 प्रशिक्षण दलों का प्रबंधन शामिल है. लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने कहा कि पुणे स्थित आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट युवा महिला एथलीट को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कंपटीशन करने में मदद करने के लिए उन्हें कड़ी ट्रेनिंग देगा.

1895 में हुई थी दक्षिण कमान की स्थापना

बता दें कि दक्षिण कमान की स्थापना अप्रैल 1895 को की गई थी और यह अपनी स्थापना के ही बाद से पुणे में स्थित है. इस कमान ने आजादी से पूर्व और आजादी के बाद कई ऑपरेशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दे चुका है. दक्षिणी कमान ने आजादी के तुरंत बाद जूनागढ़ और हैदराबाद के भारतीय संघ में विलय और 1961 में गोवा और दीव की मुक्ति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है. यह कमान भारत की 1200 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा और करीब 7000 किलोमीटर की तटरेखा की रक्षा करती है.



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