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Thursday, July 18, 2024
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सतना लोकसभा: चित्रकूट मैहर वाली सीट, जहां BJP कांग्रेस के अलावा BSP का भी वोटबैंक | Lok Sabha Election 2019 Satna constituency seat Ganesh Singh BJP Congress stwn


मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड में सतना लोकसभा सीट धार्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है. यह लोकसभा सीट पर वैसे तो ब्रह्मण और पटेल समाज राजनीतिक रूप से बहुत सक्षम है इसके बावजूद भी यहां पिछले संबे समय से लगातार बीजेपी को ही जीत मिल रही है. इस लोकसभा पर वैसे तो किसी एक पार्टी का वर्चस्व लगातार नहीं रहा है लेकिन, दोनों पार्टियों के नतीजे देखें जाएं तो बीजेपी का पलड़ा यहां भारी दिखाई देता है. यह लोकसभा उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के साथ सीमा बांटती है जिसकी वजह से यहां की राजनीति पर पड़ोसी राज्य की राजनीतिक उठा पटक का असर भी दिखाई देता है.

मध्य प्रदेश में सभी बुंदेलखंडियों के लिए सबसे प्रसिद्ध तीर्थ मां शारदा का स्थान है जो कि सतना में ही मैहर क्षेत्र में स्थित है. मान्यता है कि जब भगवान शिव माता सती के शव को ले जा रहे थे और सुदर्शन चक्र उनकी देह को टुकड़ों में बांट रहे थे, उसी वक्त माता का हार इस इस स्थान पर गिरा था. माता का हार जहां गिरा उसे पहले माई हार कहा गया जो कि वर्तमान में मैहर नाम से प्रसिद्ध है. एक और मान्यता इस मंदिर से जुड़ी हुई है कि आज भी करीब 500 साल बाद बुंदेली राजा आल्हा यहां सुबह सबसे पहले माता की पूजा करने आते हैं.

इसके अलावा इस क्षेत्र में एक और सुंदर स्थान है चित्रकूट. यह स्थान न सिर्फ प्रदेश बल्कि पूरे देश और विदेशों में भी राम भक्तों के अंदर विशेष श्रद्धा रखता है. यहां पर भगवान राम ने माता सीता के साथ वनवास का समय बिताया था. उनके साथ उनके भाई लक्ष्मण भी साथ थे. यहां पर स्थित कामदगिरि पर्वत को भी विशेष आस्था का प्रतीक माना जाता है. इसी कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा में भगवान राम और उनके भाई भरत का मिलाप हुआ था. जिसके चिन्ह आज भी यहां पर मौजूद हैं. यहां पर वह स्फटिक शिला आज भी मौजूद हैं जिस पर भगवान ने कागभुशुंड को अपना परिचय दिया था. यहां पर भगवान राम के कई चमत्कारिक मंदिर बने हैं, लेकिन सबसे ज्यादा प्रसिद्ध हनुमान धारा है. यहां हनुमान जी की मूर्ति के ऊपर लगातार पानी गिर रहा है. जो कि एक ऊंचे पहाड़ पर स्थित है. यह अपने आप में बहुत दिव्य स्थान है.

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धर्म-आस्था और राजनीति

सतना लोकसभा सीट की बात की जाए तो यहां सीट सात विधानसभाओं को मिलाकर बनाई गई है. इनमें चित्रकूट, रायगांव, सतना, नागोद, मैहर, अमरपाटन और रामपुर बघेलन शामिल हैं. इनमें से 2 विधानसभा सीटों को छोड़कर बाकी पर फिलहाल बीजेपी काबिज है. सतना लोकसभा सीट पूरे सतना जिले को कवर करती है. यहां पर अगर चुनावों की बात की जाए तो शुरू से ही यहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर रही है. सबसे पहली बार 1971 में यहां से भारतीय जनसंघ से नरेंद्र सिंह ने चुनाव जीता था. इसके बाद जन संघ से दादा सुखेंद्र ने जीत दर्ज की थी. इसके बाद गुलशेर अहमद और अजीज कुरैशी ने एक-एक बार कांग्रेस से चुनाव जीता. इसके बाद दादा सुखेंद्र सिंह ने फिर 1989 में वापसी की. 1996 के चुनाव में यहां से बीएसपी के सुखलाल कुशवाहा ने चुनाव जीत कर सभी को अचंभे में डाल दिया था. 1998 के बाद से यहां पर फिलहाल बीजेपी लगातार चुनाव जीत रही है. इस लोकसभा सीट में 16,85,050 मतदाता हैं.

पिछले चुनाव में क्या रहा?

सतना लोकसभा सीट पर बीजेपी और कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का भी अच्छा-खासा वोटबैंक है. उत्तर प्रदेश से सीमा सटी होने के चलते यहां पर यूपी की राजनीति का विशेष असर दिखाई देता है. 2019 में बीजेपी से गनेश सिंह चौथी बार चुनाव लड़े, वहीं उनके सामने कांग्रेस के राजाराम त्रिपाठी और बीएसपी से अच्छेलाल कुशवाहा ने चुनाव लड़ा. इस चुनाव में गनेश सिंह ने 5.88 लाख वोट हासिल किए जबकि कांग्रेस के राजाराम को 3.57 लाख वोटों से संतोष करना पड़ा. वहीं बीएसपी की बात की जाए तो यहां से अच्छेलाल कुशवाहा को 1.09 लाख वोट मिले थे.



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