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Thursday, July 18, 2024
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Raigarh Lok Sabha Seat: रायगढ़ सीट पर साय परिवार का दबदबा, 1999 से लगातार खिल रहा कमल | Raigarh Lok Sabha Seat profile Chhattisgarh Lok Sabha Election 2024 bjp congress


Raigarh Lok Sabha Seat: रायगढ़ सीट पर साय परिवार का दबदबा, 1999 से लगातार खिल रहा कमल

रायगढ़ लोकसभा सीट

Raigarh Lok Sabha Election 2024: छत्तीसगढ़ की रायगढ़ लोकसभा सीट अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित सीट है. यह सीट 1962 में पहली बार अस्तित्व में आई थी. यहां से मौजूदा सासंद भारतीय जनता पार्टी (BJP) की गोमती साई हैं. वहीं, इस बार बीजेपी ने यहां से राधेश्याम राठिया को अपना प्रत्याशी बनाया है. रायगढ़ सीट पर 1999 से बीजेपी का कब्जा है.

1999 से 2014 तक विष्णुदेव साय लगातार सांसद रहे. इस समय विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने इस सीट पर गोमती साई को उतारा था. गोमती साई ने 2019 में कांग्रेस के लालजीत सिंह राठिया को हराया था. रायगढ़ लोकसभा के अंतर्गत 8 विधानसभा सीटें आती हैं. इन सीटों में जशपुर, कुनकुरी, पत्थलगांव, लैलूंगा, रायगढ़, सारंगढ़, खरसिया और धरमजयगढ़ हैं.

2019 लोकसभा चुनाव में क्या था रिजल्ट?

2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की गोमती साई ने कांग्रेस के लालजीत सिंह राठिया को 66,027 हजार वोटों से हराया था. गोमती को 658,335 लाख यानी 49 फीसदी वोट मिले जबकि लालजीत को 592,308 लाख यानी 44 फीसदी वोट मिले. वहीं, तीसरे नंबर पर बहुजन समाजवादी पार्टी के इनोसेंट कुजूर रहे थे. कुजूर को 26,596 हजार वोट मिले थे.

2014 लोकसभा चुनाव के नतीजे

2014 लोकसभा चुनाव में विष्णुदेव साय ने कांग्रेस की आरती सिंह को 2,16,750 लाख वोटों से शिकस्त दी थी. विष्णुदेव साय को 662,478 तो वहीं आरती सिंह को 445,728 लाख वोट मिले थे. वहीं, तीसरे नंबर पर रहे बीएसपी के कृपा शंकर भगत को 27,152 वोट मिले थे.

विष्णु देव साय लगातार 4 बार रहे सांसद

रायगढ़ लोकसभा सीट पर 1962 में राजा विजय भूषण सिंह देव पहली बार सांसद बने. 1967 में सारंगढ़ राजघराने की बड़ी पुत्री रजनी देव 1967 में सांसद बनीं. 1977 में कंवर समाज के आदिवासी नेता नरहरि प्रसाद साय जनता पार्टी से पहले सांसद बने. वहीं 1980, 1984,1991 में पुष्पा देवी सिंह कांग्रेस से सांसद चुनी गईं. 1999 से 2014 तक विष्णु देव साय लगातार सांसद रहे.

रायगढ़ का संक्षिप्त इतिहास

रायगढ़ का इतिहास काफी पुराना है. रायगढ़ को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक नगरी कहा जाता है. इस शहर की अपनी सांस्कृतिक विरासत है. आजादी के पहले रायगढ़ में अंग्रेजो का प्रत्यक्ष राज न होकर राजाओं का शासन था. महाराज मदन सिंह जी को रायगढ़ राज्य का संस्थापक माना जाता है. चक्रधर सिंह महाराज स्वतंत्र रायगढ़ राज्य के अंतिम राजा थे. महाराज चक्रधर सिंह के नाम पर यहां चक्रधर समारोह भी होता है, जहां देश-विदेश से कलाकार, संगीतकार, साहित्यकार भाग लेते हैं. इस जिले की बहुसंख्यक आबादी गांवों में निवास करते हैं. रायगढ़ ढोकरा आर्ट के लिए फेमस है. यह आर्ट रायगढ़ के झारा आदिवासी समुदाय में काफी प्रचलित है.



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