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Thursday, July 18, 2024
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Chalakudy Lok Sabha Seat: कांग्रेस CPI में बदलती रही है सत्ता, क्या इस बार काबिज रह पाएगी कांग्रेस? | lok sabha election 2024 Chalakudy Lok Sabha Seat candidate congress cpi bjp


Chalakudy Lok Sabha Seat: कांग्रेस-CPI में बदलती रही है सत्ता, क्या इस बार काबिज रह पाएगी कांग्रेस?

चलाकुडी लोकसभा सीट

केरल का चलाकुडी लोकसभा क्षेत्र राज्य की राजनीतिक और सांस्कृतिक विरासत को बखूबी दर्शाता है. 2019 के आम चुनाव में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले बेनी बेहनन कुल 4,73,444 वोट हासिल करके जीते थे. उनकी इस जीत ने निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस को और मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया था.

बेनी बेहानन के अलावा, कई अन्य उम्मीदवारों ने 2019 के आम चुनाव में सफलता के लिए लड़ाई की थी. निकटतम दावेदार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के इनोसेंट थे, जिन्हें 3,41,170 वोट मिले थे. भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार गोपालकृष्ण को 92,848 वोट मिले थे, जबकि आम आदमी पार्टी के के एम नूरुद्दीन को 35,189 वोट मिले थे. सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के शफीर मुहम्मद को 14,386 वोट मिले. इसके अलावा, अतिरिक्त स्वतंत्र उम्मीदवार और विभिन्न अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी थे, जिनमें से प्रत्येक को अलग-अलग संख्या में वोट मिले थे.

कांग्रेस और CPI का रहा दबदबा

2019 के आम चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण चुनावी घटना चलाकुडी लोकसभा क्षेत्र में 2014 का आम चुनाव था. इसमें, LDF के इनोसेंट विजयी हुए थे. उन्होंने कुल 3,58,440 वोटों के साथ जीत दर्ज की थी. गौरतलब है कि इस निर्वाचन क्षेत्र में सिर्फ दो ही पार्टियों का दबदबा रहा है, CPI और कांग्रेस. साल 1962 से 1980 तक इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा. जिसके बाद 1980-84 तक CPI सत्ता पर काबिज रही और एक टर्म के लिए केरल कांग्रेस ने भी जहां से जीत दर्ज की. जिसके बाद, जिसके बाद फिर, 1989 से 2004 तक लगातार, कांग्रेस ही यहां से जीतती चली आई. चलाकुडी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में सात विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं- कैपामंगलम, चलाकुडी, कोडुंगल्लूर, पेरुंबवूर, अंगमाली, अलुवा, कुन्नाथुनाड.

क्या है सांस्कृतिक महत्व?

केरल के त्रिशूर जिले में स्थित चलाकुडी लोकसभा क्षेत्र अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है. हरी-भरी हरियाली और मनमोहक पश्चिमी घाटों के बीच स्थित, यह निर्वाचन क्षेत्र अपनी जीवंत कला और सांस्कृतिक दृश्य के लिए प्रसिद्ध है.

चालकुडी की सांस्कृतिक पहचान का सबसे मुख्य पहलू इसकी पारंपरिक प्रदर्शन कलाएं हैं. यह क्षेत्र अपने जीवंत लोक नृत्यों जैसे थेय्यम, कथकली और मोहिनीअट्टम के लिए जाना जाता है, जो केरल की सांस्कृतिक विरासत में गहराई से निहित हैं. कथकली, विशेष रूप से, एक उच्च शैली वाला शास्त्रीय नृत्य-नाटक है जो अपनी विस्तृत वेशभूषा, जटिल श्रृंगार और अभिव्यंजक हाव भाव के लिए जाना जाता है. इसमें अक्सर हिंदू पौराणिक कथाओं और लोककथाओं की कहानियों को दर्शाया जाता है, जो अपने मंत्रमुग्ध कर देने वाले प्रदर्शन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देता है.

प्रतिष्ठित संगीतकारों को दिया जन्म

इसके अतिरिक्त, चलाकुडी संगीत की दुनिया में अपने योगदान के लिए प्रसिद्ध है. इस क्षेत्र ने कई प्रतिष्ठित संगीतकारों को जन्म दिया है जिन्होंने केरल के संगीत परिदृश्य को समृद्ध किया है. शास्त्रीय कर्नाटक संगीत से लेकर समकालीन फिल्म संगीत तक, चलाकुडी के संगीतकारों ने केरल के सांस्कृतिक परिवेश पर एक अमिट छाप छोड़ी है.

कांग्रेस चलाकुडी लोकसभा क्षेत्र में एक प्रमुख ताकत रही है, जिसने क्षेत्र के चुनावी इतिहास में कई बार जीत हासिल की है. सफलता का यह पैटर्न, निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के ऐतिहासिक प्रभाव को दर्शाता है.



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