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Sunday, July 14, 2024
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Nilgiri lok sabha Seat: यहां रहा मिला जुला मामला, किसी पार्टी का गढ़ ना किसी का किला, 2019 में ए राजा अब कौन? | Nilgiri lok sabha election 2024 bjp L Murugan aiadmk dmk A raja stwar


Nilgiri lok sabha Seat: यहां रहा मिला-जुला मामला, किसी पार्टी का गढ़ ना किसी का किला, 2019 में ए राजा अब कौन?

DMK ने फिर ए राजा को मैदान में उताराImage Credit source: tv9 भारतवर्ष

भारत के 543 और दक्षिणी राज्य तमिलनाडु की 39 सीटों में एक नीलगिरी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है. यह सीट 2024 में एक हॉट सीट बनने जा रहा है. 2024 के रण में यह राजनीतिक दिग्गजों के टकराव का गवाह बन सकता है. इसबार यहां मुकाबला मौजूदा सांसद ए राजा, केंद्रीय मंत्री और बीजेपी उम्मीदवार एल मुरुगन और एआईएडीएमके के डी लोकेश तमिलसेल्वन के बीच है. बीजेपी उम्मीदवार मुरुगन और ए राजा जहां पुराने राजनीतिक दिग्गज हैं वहीं अन्नाद्रमुक की आईटी विंग से तमिलसेल्वन इस क्षेत्र में नया चेहरा हैं. आईटी पेशेवर तमिलसेल्वन पी धनपाल के बेटे हैं. पी धनपाल 2002 में एआईएडीएमके शासन के दौरान विधानसभा स्पीकर थे.

नीलगिरी तमिलनाडु का एक जिला है और इसी नाम से एक लोकसभा क्षेत्र भी. नीलगिरी जिले का मुख्यालय ऊंटी है. 2019 में यहां द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के ए राजा ने अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के एम त्यागराजन को हराया था.

2019 में ए राजा की जीत

ए राजा को यहां 54.2% वोट मिले थे जबकि AIADMK के एम त्यागराजन को 33.8% वोट मिले थे. मक्कल नीधि मय्यम के एन राजेंथिरन को 4.1% वोट मिले, चौथे स्थान पर रहे निर्दलीय रामास्वामी, एम को 4 प्रतिशत, पांचवे पर रहे निर्दलीय एम सुब्रमणि को 0.5 प्रतिशत, छठे पर रहे निर्दलीय एम राजरथिनम को 0.5 प्रतिशत और सांतवे स्थान पर रहे बीएसपी के आर अशोक कुमार को 0.4 प्रतिशत वोट मिले थे. यहां कुल 10 उम्मीदवार मैदान में थे.

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डीएमके के ए राजा को 547,832 वोट 2019 में मिले जबकि भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के एम त्यागराजन, को 342,009 वोट, मक्कल नीधि मय्यम के राजेंथिरन,एन. को 41,169, एम रामास्वामी को 40,419, एम सुब्रमणि को 5,229, एम राजरथिनम को 4,747 0.5% और बीएसपी के अशोक कुमार 4,088 वोट मिले थे.

2014 में कांग्रेस को नोटा से भी कम वोट

इससे पहले 2014 में यहां अन्नाद्रमुक के सी. गोपालकृष्णन ने द्रमुक के ए राजा को 1,04,940 वोटों से हराया था. तब सी. गोपालकृष्णन को 463,700 वोट तो वहीं ए राजा को 3,58,760 वोट मिले थे. तीसरे स्थान पर रहे कांग्रेस के पी गांधी को नोटा के 46,559 से कम 37,702 वोट मिले थे.

नीलगिरी का चुनावी इतिहास

नीलगिरी में हुए सबसे पहले चुनाव में कांग्रेस पार्टी के सी.नंजप्पा ने जीत दर्ज की थी. इसके बाद 1962 में हुए चुनाव में भी कांग्रेस पार्टी के ही अक्कम्मा देवी ने जीत दर्ज की. 1967 में स्वतंत्र पार्टी के एमके नन्जा गौडर, 1971 में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के जे माथा गौडर, 1977 में AIADMK के पी. एस रामलिंगम, 1980, 1984, 1989 और 1991 में कांग्रेस पार्टी के आर प्रभु ने लगातार चार बार जीत दर्ज की. 1996 में तमील मनीला कांग्रेस पार्टी के एसआर बालासुब्रमण्यम ने जीत दर्ज की. इसके बाद 1998 और 1999 में बीजेपी के मास्टर मथन लगातार दो बार जीत दर्ज करने में कामयाब हुए. 2004 में एक बार फिर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आर प्रभु, 2009 में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के ए राजा यहां के सांसद बने.

नीलगिरी का वोट गणित

नीलगिरी संसदीय क्षेत्र के अंर्तगत कुल छह विधानसभा क्षेत्र-धगमंडलम, कुन्नूर, मेट्टुपलायम, गुडलूर(SC), भवानीसागर(SC) और अविनाशी(SC) शामिल हैं. यहां कुल 13,66,060 मतदाता हैं इसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 7,00,219 जबकि महिला मतदाताओें की संख्या 6,65,772 है. जबकि थर्ड जेंडर निर्वाचक 69 है. 2019 में यहां कुल 73.99% मतदान हुआ था. 2004 में जहां DMK ने ए राजा, AIADMK ने डी. लोकेश थमिज़ सेलवन. बीजेपी ने एल मुरुगन, नाम तमिलर काची ने जयकुमार को मैदान में उतारा है.

नीलगिरी जिले का मुख्यालय है ऊंटी

नीलगिरि तमिलनाडु का प्रमुख पर्यटक स्थल है. इस जिले का मुख्यालय ऊंटी पूरे भारत में प्रसिद्ध है. ऊंटी की खूबसूरती देखते बनती है इसके अलावा मुदुमलाई, कूनूर, डॉलफिन नेज़, सिम्स पार्क, राजभवन, बहुत से खूबसूरत स्थान इस शहर में हैं. एल्का हिल मुरुगन मंदिर यहां का प्रमुख धार्मिक स्थल है.



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