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Wednesday, July 17, 2024
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पंजाब जेल और पेशी के लिए ऐश ओ आराम वाली एंबुलेंस… मुख्तार को जब भारी पड़ गया VVIP ट्रीटमेंट | barabanki Ambulance with luxury and comfort When VVIP treatment became costly for Mukhtar ansari in punjab ropar jail stwtg


पंजाब जेल और पेशी के लिए ऐश-ओ-आराम वाली एंबुलेंस... मुख्तार को जब भारी पड़ गया VVIP ट्रीटमेंट

बांदा से पहले पंजाब जेल में बंद थे मुख्तार अंसारी.

यूपी की बांदा जेल में बंद माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की हार्ट अटैक से मौत हो गई है. आज सुबह उनके शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा. फिर गाजीपुर के कब्रिस्तान में मुख्तार के शव को सुपुर्द-ए-खाक किया जाए. बांदा से पहले मुख्तार पंजाब की रोपड़ जेल में भी बंद थे. मुख्तार का सिक्का इतना बोलता था कि वहां उन्हें जेल में भी वीवीआईपी ट्रीटमेंट मिलता था. वहां जब भी वो कोर्ट में पेशी के लिए जाते तो उन्हें एक स्पेशल एंबुलेंस के जरिए ले जाया जाता था. लेकिन एक बार उन्हें इस एंबुलेंस से कोर्ट में जाना भारी भी पड़ गया.

दरअसल, अप्रैल 2021 को पंजाब की मोहाली कोर्ट में पेशी के दौरान मुख्तार अंसारी की बाराबंकी नंबर की फर्जी एंबुलेंस का मामला सामने आया था. जांच में पता चला कि उनकी एंबुलेंस बाराबंकी जनपद में रजिस्टर्ड थी. उस एम्बुलेंस में मुख्तार अंसारी के लिये ऐश-ओ-आराम की पूरी व्यवस्था थी. इस खुलासे के बाद तत्कालीन एआरटीओ पंकज सिंह ने जांच शुरू की. जिसमें पता चला कि मुख्तार की वह फर्जी एम्बुलेंस UP 41 AT 7171 मऊ की डॉक्टर अलका राय द्वारा रजिस्टर्ड कराई गई थी.

तत्कालीन एआरटीओ पंकज कुमार सिंह ने 2 अप्रैल 2021 को बाराबंकी के नगर कोतवाली में डॉक्टर अलका राय को नामजद करते हुए मामला दर्ज करवाया. इस मामले में पुलिस ने जांच के बाद मुख्तार अंसारी के साथ उनके गिरोह के 12 लोगों को भी नामजद किया.

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24 मार्च 2022 को तत्कालीन डीएम ने मुख्तार अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर केस को मंजूरी दी. उसके बाद शहर कोतवाली पुलिस ने 25 मार्च 2022 को मुख्तार अंसारी, डॉक्टर अलका राय समेत सभी गुर्गों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का भी मामला दर्ज किया. दोनों ही मामलों में पुलिस ने डॉ. अलका राय समेत सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा. पुलिस ने दोनों ही मामलों में सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी. फिलहाल इन दोनों मामलों की सुनवाई बाराबंकी कोर्ट में चल रही है. गैंगस्टर के मामले में इसी शुक्रवार को मुख्तार अंसारी की बाराबंकी के एमपी एमएलए कोर्ट में पेशी होनी थी.

धीमा जहर देने का आरोप

जबकि, इसी मामले में बीती 21 मार्च को पेशी की दौरान मुख्तार अंसारी कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हाजिर नहीं हुए थे. बल्कि उन्होंने अपने वकील रणधीर सिंह सुमन के द्वारा कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र भिजवाया था. जिसमें उन्होंने जेल के खाने में धीमा जहर देने का आरोप लगाया था. मुख्तार अंसारी की तरफ से कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि उसे जेल में धीमा जहर दिया जा रहा है. जिससे उनकी तबीयत काफी गंभीर हो गई है और ऐसा लगता है कि उनकी कभी भी मौत हो जायेगी. प्रार्थना पत्र में मुख्तार अंसारी ने इसे बड़ा षड्यंत्र बताते हुए अदालत से इलाज करवाने और मेडिकल बोर्ड का गठन करके जांच करने की गुहार लगाई थी.

गुरुवार रात को हुई मुख्तार की मौत

बता दें, फिर एक सप्ताह बाद ही मुख्तार अंसारी की गुरुवार को बांदा मेडिकल कॉलेज में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. तबीयत बिगड़ने के बाद अंसारी को जिला जेल से अस्पताल लाया गया था. मुख्तार को मंगलवार को पेट दर्द की शिकायत के बाद उन्हें करीब 14 घंटे तक अस्पताल में भर्ती रखा गया था. उधर, मुख्तार के परिवार का आरोप है कि उनकी हत्या की गई है. बेटे उमर अंसारी ने कहा कि हम न्याय के लिए ऊपर तक जाएंगे. फिलहाल मुख्तार के शव का आज 9 बजे पोस्टमार्टम करवाया जाएगा. जिसके बाद शव को गाजीपुर ले जाया जाएगा. वहां मुख्तार को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.



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