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Sunday, July 14, 2024
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Rajkot Lok Sabha Seat: पहले कांग्रेस का किला, अब बना BJP का गढ़… हैट्रिक लगाने मैदान में पुरुषोत्तम रूपाला | Rajkot Lok Sabha Election 2024 BJP Congress NDA, India Alliance Parshottam Rupala stwar


Rajkot Lok Sabha Seat: पहले कांग्रेस का किला, अब बना BJP का गढ़... हैट्रिक लगाने मैदान में पुरुषोत्तम रूपाला

बीजेपी का गढ़ है राजकोटImage Credit source: tv9 भारतवर्ष

राजकोट गुजरात के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है. यह सीट जामनगर, राजकोट और सुरेंद्रनगर जिले का हिस्सा है. सूबे के सौराष्ट्र क्षेत्र में आने वाला राजकोट गुजरात का चौथा सबसे बड़ा शहर है. राजकोट की स्थापना जडेजा वंश के ठाकुर विभाजी जडेजा ने की थी. इसके साथ ही यह महात्मा गांधी का शहर है. महात्ना गांधी का बचपन यहीं बीता था. उन्होंने यहां से ही शुरुआती पढ़ाई की है. राजकोट में बड़े पैमाने पर ज्वैलरी का काम होता है. इसी के चलते राजकोट पश्चिम भारत का ज्वैल स्टेट भी कहा जाता है.

राजकोट लोकसभा सीट सामान्य के लिए आरक्षित है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनावी राजनीतिक सफर की शुरुआत यहीं से हुई थी. 2001 में सीएम बनने के बाद वह यहीं से उपचुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. राजकोट में 1952 मे हुए पहले चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने जीत दर्ज की थी. कांग्रेस के टिकट पर नवलशंकर ने यहां से पहला चुनाव जीता था. वर्तमान में यहां बीजेपी का सांसद है.

2019 में कुंदरिया मोहनभाई

2019 में हुए लोकसभा चुनाव में कुंदरिया मोहनभाई कल्याणजी भाई ने एकतरफा जीत दर्ज की है. मोहनभाई कुंदरिया ने कगथारा ललितभाई को हराया था. मोहनभाई कुंदरिया को 63.5% वोट मिले जबकि ललितभाई को 32.6% वोट मिले. तीसरे स्थान पर रहे बीएसपी के विजय परमार को महज वोट 1.6 प्रतिशत वोट मिले थे.बीएसपी उम्मीदवार को नोटा 1.73 से भी कम वोट मिले. कुंदरिया मोहनभाई कल्याणजीभाई को यहां 758,645 वोट जबकि ललितभाई को 3,75,096 वोट मिले थे. तीसरे स्थान पर रहे विजय परमार को महज 12,653 वोट जो नोटा को मिले 18,249 वोट से भी कम है.

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राजकोट का चुनावी इतिहास

1922 में हुए पहले चुनाव में यहां कांग्रेस पार्टी के यूएन ढेबर ने जीत हासिल की थी. इसके बाद 1967 में हुए चुनाव में निर्दलीय मीनू मसानी, 1971 में कांग्रेस पार्टी के घनश्यामभाई ओझा, 1977 में जनता पार्टी के केशुभाई पटेल, 1980 में कांग्रेस के रामजीभाई मवानी, 1984 में रमाबेन पटेल. 1989 में बीजेपी ने यहां खाता खोला ओर शिवलाल वेकारिया लगातार दो बार जीत दर्ज करने में कामयाब रहे. इसके बाद शिवलाल वेकारिया ने लगातार चार बार 1996, 1998, 1999 और 2004 में जीत दर्ज की थी.2009 में कांग्रेस के कुवर्जीभाई बावलिया ने जीत दर्ज की. इसके बाद 2014 और 2019 में बीजेपी के मोहन कुंदरिया ने जीत हासिल की है.

राजकोट का वोट गणित

2011 की जनगणना के मुताबिक यहां की आबादी 27,21,136 है. इसमें 35.11% ग्रामीण और 64.89% शहरी आबादी है. राजकोट लोकसभा के अंतर्गत- वांकानेर,तनकारा, जसदण,राजकोट पूर्व, राजकोट पश्चिम, राजकोट दक्षिण और राजकोट ग्रामीण विधानसभा सीट है. राजकोट में कुल 18,84,339 मतदाता है इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 9,04,188 जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 9,80,133 है. इसके साथ ही थर्ड जेंडर निर्वाचक 18 हैं. राजकोट मे अनुसूचित जाति की आबादी 7.05% है. जबकि करीब 10 प्रतिशत मुस्लिम वोटर हैं. यहां पटेल वोट निर्णायक भूमिका में हैं. इसके साथ ही ब्राह्मण,बनिया क्षत्रिय और कोली वोट भी बड़ी संख्या में हैं.

राजकोट में सबसे बड़ा पतंग मेला

राजकोट को महात्मा गांधी का शहर कहा जाता है. उनका बचपन यहीं बीता था. रामकृष्ण आश्रम, राजकुमारी उद्यान, लालपरी झील, जबूली उद्यान, वारसन संग्रहालय, अजी डेम, रंजीत विलास पैलेस यहां के प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल हैं. राजकोट में मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय पतंग मेला बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करता है. इसके साथ ही राजकोट का सोनी बाज़ार गुजरात में स्थित सोने का सबसे बड़ा बाज़ार है. बीजेपी ने यहां पुरुषोत्तम रूपाला को जबकि कांग्रेस पार्टी ने ललित कगथरा को मैदान में उतारा है.



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