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Sunday, July 14, 2024
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Hanuman Jayanti 2024: अप्रैल में इस दिन है हनुमान जयंती, इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा, दूर होगी जीवन की सभी परेशानियां | hanuman jayanti 2024 puja time significance of hanuman jayanti


Hanuman Jayanti 2024: अप्रैल में इस दिन है हनुमान जयंती, इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा, दूर होगी जीवन की सभी परेशानियां

अप्रैल में इस दिन है हनुमान जयंती, इस शुभ मुहूर्त में करें पूजाImage Credit source: unsplash

Hanuman Jayanti 2024: हनुमान जयंती हिन्दू के प्रमुख त्योहारों में से एक है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जयंती का त्योहार साल में दो बार मनाया जाता है जिसके पीछे दो अलग-अलग मान्यताएं हैं. एक हनुमान जयंती भगवान हनुमान जी के जन्मदिन के दिन मनायी जाती है और दूसरी हनुमान जयंती विजय अभिनंदन समारोह के रूप में मनायी जाती है. अप्रैल में हनुमान जयंती किस दिन पड़ रही है और क्या है इस दिन से जुड़ा धार्मिक महत्व आइए जानते हैं.

हनुमान जयंती 2024 कब है? (Hanuman Jayanti 2024)

हनुमान जी की जयंती हर साल चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है. हिन्दू पंचांग के अनुसार इस बार पूर्णिमा तिथि 23 अप्रैल को सुबह 3:25 बजे शुरू होगी और 24 अप्रैल 2024 को सुबह 5:18 बजे समापन होगा. ऐसे में हनुमान जयंती 23 अप्रैल मंगलवार को मनाई जाएगी.

हनुमान जयंती का महत्व (Hanuman Jayanti Significance)

भगवान राम के परम भक्त बजरंगबली जी के जन्मदिवस के रूप में इस दिन का बहुत ही ज्यादा महत्व है. मान्यता के अनुसार इस दिन जो भी भक्त सच्चे मन से हनुमान जी पूजा करते हैं, उनके जीवन के सभी संकट को बजरंगबली हर लेते हैं. और हर प्रकार के भय और परेशानियों से मुक्ति मिलती है. हनुमान जयंती को भाईचारे और एकता का प्रतीक भी माना जाता है, क्योंकि ये पर्व, सभी हनुमान भक्त साथ मिलकर धूमधाम के साथ मनाते हैं.

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कैसे करें हनुमान जी की पूजा

हनुमान जयंती के दिन जल्दी उठकर हनुमान जी का स्मरण करें और उनको प्रणाम करें. अब नित्य कर्मों से निवृत होकर घर की साफ सफाई करें और स्नान करें. अगर गंगा जल हो तो नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें. हनुमान जी की पूजा लाल रंग के फूल, फल, धूप, दीप, सिंदूर आदि चीजों से करना शुभ माना जाता है. मान्यता के अनुसार इस दिन हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करने से हनुमान जी जल्दी प्रसन्न होते हैं. इस दिन सुंदरकांड का पाठ भी किया जाता है. पूजा का समापन आरती के साथ करें और सुख, समृद्धि, बल, बुद्धि, विद्या और शक्ति की बजरंगबली से प्रार्थना करें.



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